हौज़ा न्यूज़ एजेंसी के अनुसार ,यमन ने कहा है कि ईरान और मुक़ावमती (प्रतिरोधी) मोर्चे की कामयाबी ने क्षेत्र में रक्षात्मक श क्षेत्र में इत्तेहाद (एकता) की ज़रूरत को 'अमली तौर पर साबित और मुस्तहकम (स्थिर) कर दिया है।
यमन ने एक बयान में एलान किया है कि इस्लामी जम्हूरिया ईरान और जिहाद व मुक़ावमत की कामयाबी ने रक्षात्मक श'अबे (क्षेत्र) में इत्तेहाद के नज़रिए को और मज़बूत और प्रभावी बना दिया है।
बयान में यमनी हुकूमत (सरकार) ने फ़िलस्तीन और लेबनान की हिमायत (समर्थन) के सिलसिले में अपने मुस्तकिल और ग़ैर-मुतज़लज़िल मौक़िफ़ (रुख) का इ'आदा करते हुए कहा कि यमन की राजधानी उन दोनों क़ौमों की हिमायत जारी रखेगा।
सरकार ने जनता की बसीज (सेना) फ़ौजों की तैयारी और आमादगी को सराहते हुए 'अवाम (जनता) से अपील की कि वह क़ौमी इत्तेहाद, आंतरिक एकजहती (एकजुटता) और 'अवामी बसीज को बरक़रार रखते हुए आने वाले चैलेंजों का मुक़ाबला करें।
बयान के मुताबिक़, हुकूमते यमन, मुसल्लह अफ़वाज और 'अवामी बसीज फ़ौजों की मुकम्मल (पूरी) हिमायत के लिए तैयार है और आक्रमण के ख़ात्मे, मुहासिरे (घेराबंदी) के ख़ात्मे और क़ाबिज़ (कब्ज़ा करने वाली) अफ़वाज के इन्ख़ला (वापसी) के लिए तमाम क़ौमी क़ुव्वतों के दरमियान हमआहंगी और ता'आवुन को ज़रूरी समझती है।
यमनी हुकूमत ने मौजूदा हालात के तनाज़ुर में मुनासिब फ़ैसले करने के लिए यमनी क्रांति के नेता को मुकम्मल इख़्तियारात (अधिकार) (सौंपने) का एलान करते हुए कहा कि हुकूमत उनके तमाम फ़ैसलों और हिदायात पर 'अमल दरआमद के लिए मुकम्मल तौर पर तैयार है।
बयान के इख़्तिताम पर हुकूमत ने ज़ोर दिया कि वह यमनी इंक़िलाब के क़ायद की दा'वत पर लब्बैक कहती है और इस मरहले में जारी होने वाली तमाम हिदायात और फ़ैसलों पर सन्नियत और मुकम्मल ज़िम्मेदारी के साथ अमल करेगी।
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